Hello फ्रेंड्स नमस्ते कैसे हो आप एक बार फिर आपका हमारे blogger मे स्वागत है. आज हम बात करेंगे जूनागढ़ के पास आई उस जगह के बारे मे जो पर्यटक और वैज्ञानिको के लिए एक दिलचस्प जगह बन चुकी है. तो चलो बिना टाइम वेस्ट किए उसके बारेमे सरु करते है.
Tulshishaym
तुलसीश्याम ऊना से 35 km दूर है और अमरेली से करीब 45 km दूर है. हलाकि इस जगह के आसपास कोई गाव नहीं है, इसलिए जंगल ही जंगल है. इस जगह पर आने के लिए आपको बस की सुविधा मिल जाती है जो दिनमे करीब 4 ya 5बार अति है. मेरा मानना तो यही है की आप बस के आलावा अपना पर्सनल वाहन लेकर आइए. पर्सनल वाहन की वज़ह से आप रास्ते मे आने वाले कई सारे जानवर जैसे हिरन, मोर, पक्षी, सिंह, शियल आदि सारे जानवरो को देख कर उस जगह का आनंद उठा सकते है. शाम के समय जानवरो का अधिक खतरा होता है इसलिए वहा पर जाने वाले सारे gate सरकारी अधिकारी बंध कर देते है.
तुलसीश्याम पहुंच ते ही gate के पास गर्म पानीके कुंड है. जो तीन भागमे बाटे गए है, पहले मे ज्यादा गर्म दूसरे मे उससे काम तीसरे मे उससे कम गर्म पानी आपको देखने को मिलेगा. अंदर पहुंच ते ही दाई तरफ मंदिर देखने को मिल जाएगा. ये मंदिर श्यामजी का है यहापर जो मूर्ति है वो मनजाता है की 3000 साल पुरानी है. पर्यटकों को कोई परेशानी ना हो इसलिए यहाँ पर रहने कीऔर खाने की सुविधा मंदिर के द्वारा दी गई है. मंदिर के सामने एक और पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर बना हुआ है, जहाँपर जाने के लिए आपको करीब खड़ी 100 सीढ़ियो की चढ़ाई करनी पड़ेंगी.
तुलसीश्याम के करीब 3km के अंतर पर एक प्रकृतिक ढलान है जहा पर आप आप ढलान पर कोई भी चीज दिराओंगे या फिर अपनी गाड़ी को रखेंगे तो वो निचे की जगह ऊपर अति है. इसबात को जानने के लिए आप youtube search कर सकते हो.
तो चलो आजके लिए इतनाही फिर मिलते है. अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा तो शेयर जरूर करना.
Tulshishaym
तुलसीश्याम ऊना से 35 km दूर है और अमरेली से करीब 45 km दूर है. हलाकि इस जगह के आसपास कोई गाव नहीं है, इसलिए जंगल ही जंगल है. इस जगह पर आने के लिए आपको बस की सुविधा मिल जाती है जो दिनमे करीब 4 ya 5बार अति है. मेरा मानना तो यही है की आप बस के आलावा अपना पर्सनल वाहन लेकर आइए. पर्सनल वाहन की वज़ह से आप रास्ते मे आने वाले कई सारे जानवर जैसे हिरन, मोर, पक्षी, सिंह, शियल आदि सारे जानवरो को देख कर उस जगह का आनंद उठा सकते है. शाम के समय जानवरो का अधिक खतरा होता है इसलिए वहा पर जाने वाले सारे gate सरकारी अधिकारी बंध कर देते है.
तुलसीश्याम पहुंच ते ही gate के पास गर्म पानीके कुंड है. जो तीन भागमे बाटे गए है, पहले मे ज्यादा गर्म दूसरे मे उससे काम तीसरे मे उससे कम गर्म पानी आपको देखने को मिलेगा. अंदर पहुंच ते ही दाई तरफ मंदिर देखने को मिल जाएगा. ये मंदिर श्यामजी का है यहापर जो मूर्ति है वो मनजाता है की 3000 साल पुरानी है. पर्यटकों को कोई परेशानी ना हो इसलिए यहाँ पर रहने कीऔर खाने की सुविधा मंदिर के द्वारा दी गई है. मंदिर के सामने एक और पहाड़ की चोटी पर एक मंदिर बना हुआ है, जहाँपर जाने के लिए आपको करीब खड़ी 100 सीढ़ियो की चढ़ाई करनी पड़ेंगी.
तुलसीश्याम के करीब 3km के अंतर पर एक प्रकृतिक ढलान है जहा पर आप आप ढलान पर कोई भी चीज दिराओंगे या फिर अपनी गाड़ी को रखेंगे तो वो निचे की जगह ऊपर अति है. इसबात को जानने के लिए आप youtube search कर सकते हो.
तो चलो आजके लिए इतनाही फिर मिलते है. अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा तो शेयर जरूर करना.

No comments:
Post a Comment